Home मोर्चा परिसर सामाजिक न्याय विरोधी ‘आप’ नेताओं को DUTA क्यों बुलाती है?

सामाजिक न्याय विरोधी ‘आप’ नेताओं को DUTA क्यों बुलाती है?

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नीरज सिंह 

दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (डूटा) लगातार आन्दोलनरत हैं. हम उनके आन्दोलन का समर्थन करते हैं और हर मार्च या धरने में शामिल होते हैं. सरकार केन्द्रीय विश्वविद्यालयों में नया रोस्टर लागू करके आरक्षण के संवैधानिक प्रावधान को कमजोर करना चाहती है. यह सरकार का सामाजिक रूप से पिछड़े तबकों के लिए विश्वविद्यालय का दरवाजा बंद करने का एक तरीका है.

असल में नवउदारवाद के समर्थकों द्वारा आरक्षण के खिलाफ लगातार मुहिम चलाई जा रही है. अन्ना हजारे जैसे लोग बार-बार आरक्षण ख़त्म करने का आह्वान करते हैं. अरविन्द केजरीवाल और मनीष सिसोदिया जैसे लोग ‘यूथ फॉर इक्वलिटी’ की मार्फ़त आरक्षण ख़त्म करने का आंदोलन चलते रहे हैं. ऐसे माहौल में दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (डूटा) का आंदोलन सामाजिक न्याय का आन्दोलन विशेष महत्व रखता है. लेकिन डूटा नेतृत्व आरक्षण और सामाजिक न्याय के विरोधी आम आदमी पार्टी के नेताओं को हमेशा डूटा के मंच पर बुला कर सारे संघर्ष को गुमराह करने की कोशिश करता है.

डूटा के निर्वाचित प्रतिनिधि कभी मनीष सिसोदिया से गुहार लगाते दिखाई पड़ते हैं कभी केजरीवाल से, जबकि केजरीवाल और मनीष सिसोदिया दोनों आरक्षण विरोधी और सवर्णवादी हैं. आम आदमी पार्टी में प्रतिक्रियावादी तत्वों की भरमार किसी से छिपी नहीं है. 2006 में केन्द्रीय विश्वविद्यालयों, आईआईटी, मेडिकल कॉलेज, और प्रबंधन संस्थानों में पिछड़ा वर्ग के छात्रों को 27 प्रतिशत आरक्षण देने के सरकार के फैसले का विरोध करने के लिए बने संगठन’यूथ फॉर इक्वलिटी के गठन, फंडिंग और नेतृत्व में इन दोनों की संलिप्तता जगजाहिर है.

हमारा मानना है कि डूटा के आन्दोलन में विचारधाराहीनता की खुले आम बात करने वाले आम आदमी पार्टी के नेताओं को बुलाना, उनसे गुहार लगाना सामाजिक न्याय के आन्दोलन के साथ अन्याय है. इस तरह की कवायद से सामाजिक न्याय का आन्दोलन और कमजोर होगा.


(लेखक सोशलिस्ट युवजन सभा के अध्यक्ष हैं )

 

 

1 COMMENT

  1. Capitalist ideas are part of superstructures based on the capitalist base. Society has to go forward to socialism. That is why world over people are talking about the marxists.org. So imperialist capital is financing NGO of kejrival etc since 2006. Fund by Ford and rockfeller foundation. Ford Foundation owes its leader from USA spy agency cia. World social forum mumbai was organised by the cpi cpim cadres in 2004. Because they are critical to new economic policies in centre while supporting it in West bengal, kerala. If we refer to the Object of WSF we find it discourage participation of political parties. But invites politicians serving imperialist masters. That’s why we find a shrewd Anna Hazare speaking against party system…. He referred to constitution but tight lip on socialist and secularist ideas. You heard Anna Sitting fast unto death for GUjrat 2002, judge Loya, growing disparities of income.?

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