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कल्पेश याग्निक की ख़ुदकुशी के पीछे महिला प्रसंग: पुलिस ने दर्ज किया FIR, पत्रकार फ़रार

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मीडियाविजिल / इंदौर 


दैनिक भास्‍कर के वरिष्ठ पत्रकार कल्पेश याग्निक की मौत के सिलसिले में छानबीन करते हुए इंदौर पुलिस ने शुक्रवार शाम मुंबई के शास्त्रीनगर इलाके में अखबार की पत्रकार रही सलोनी अरोड़ा के यहां दबिश दी, लेकिन पुलिस के पहुंचने के पहले ही वह वहां से निकल चुकी थी। पुलिस ने अरोड़ा का पासपोर्ट जब्त कर लिया है। सलोनी अरोड़ा के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया गया है।

गौरतलब है कि कल्पेश याग्निक को पांच करोड़ रुपयों के लिए धमकाने और रेप केस में फंसा देने की धमकी देने के मामले में पुलिस ने शुक्रवार को ही अखबार की मुंबई ब्‍यूरो की एंटरटेनमेंट पत्रकार रही सलोनी अरोड़ा पर धारा 406, 386, 503  में केस दर्ज किया था। नई दुनिया की खबर के मुताबिक एडिशनल एसपी शैलेंद्र सिंह ने बताया कि दैनिक भास्कर में नौकरी पर वापस रखवाने, पांच करोड़ की मांग करने, ना देने पर झूठे रेप केस में फंसाने के लिए धमकाने के आरोप में अरोड़ा पर ये धाराएं लगाई गई हैं। गत 12 जुलाई की रात को कल्पेश याग्निक की इंदौर के प्रेस काम्प्लेक्स स्थित दैनिक भास्कर के ऑफिस में संदिग्ध हालात में मौत हुई थी। दैनिक भास्कर में प्रकाशित खबर में कल्पेश की मौत के कारण में कार्य के दौरान हृदयाघात होना उल्लेखित किया गया था।

बाद में पुलिस को दफ्तर का मुआयना करने पर एसी के कम्‍प्रेसर के ऊपर कल्‍पेश के जूतों के निशान मिले थे जिससे यह शक़ पुख्‍ता हुआ था कि उन्‍होंने खुदकुशी की है। इससे पहले मीडिया के वॉट्सएप समूहों में महीने भर से दो ऑडियो क्लिप वायरल हो रहे थे जिसमें कल्‍पेश याग्निक लगातार क्षमायाचना के भाव में गिड़गिड़ा रहे थे और लगातार कहते हुए सुने जा सकते थे कि उनका परिवार बरबाद हो चुका है और वे अकेले पड़ चुके हैं। इस एकतरफ़ा संवाद के बीच-बीच में एक महिला की हां हूं की आवाज़ आ रही थी। माना जा रहा है कि यह आवाज़ सलोनी अरोड़ा की ही थी जो उनकी बातचीत को टेप करते आ रही थी।

पुलिस के मुताबिक सलोनी के मोबाइल की जानकारी निकालने पर वह भी फर्जी नाम से निकला। अफसरों ने उसको कॉल किया तो मोबाइल फोन की बेल बजती रही, लेकिन फोन नहीं उठाया। इसके बाद गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित कर सीएसपी जयंत राठौर को इंदौर से मुंबई रवाना कर दिया गया। पुलिस अरोड़ा के फ्लैट पर पहुंची तो सेंट्रल लॉक लगा था।

मोबाइल लगाने पर फोन की रिंग फ्लैट के भीतर से सुनाई दे रही थी। शाम को मुंबई पुलिस की मदद ली और फ्लैट का ताला तोड़ा गया। भीतर फोन चार्जिंग पर लगा हुआ मिल गया। तलाशी में अलमारी में रखा पासपोर्ट मिल गया। नई दुनिया के मुताबिक पड़ोसियों ने बताया कि वह सुबह ही निकल गई थी। पुलिस को यह जानकारी भी मिली कि उसने दिल्ली में एक फिल्म वितरक के साथ मुलाकात की है। विदेश भागने की आशंका में डीआईजी ने देर रात सलोनी के विरुद्ध लुकआउट सर्कुलर जारी करवा दिया।

विभिन्‍न स्रोतों से जो खबर आई है, उसके अनुसार गवाहों ने पुलिस को बताया है कि सलोनी कल्‍पेश के परिवार को बर्बाद करने की धमकी देती थी। उसने कुछ लोगों से यह भी कहा था कि मेरी मांग पूरी नहीं करने और अपनी शर्तों पर नौकरी पर वापस नहीं लेने पर वह कपेश को मरने पर विवश कर देगी। वह कल्‍पेश की पत्नी को जानकारी देने और झूठा केस करने की धमकी देकर तंग करती थी। डीआईजी हरिनारायणचारी मिश्र के मुताबिक शक है गिरोह में तीन अन्य लोग भी शामिल हैं। उनके खिलाफ साक्ष्य एकत्रित किए जा रहे हैं। सलोनी को पकड़ने के लिए फिल्म वितरक की भी तलाश की जा रही है। पुलिस की दो टीम नीमच में पिता व भाई और एक टीम रतलाम में बहन और जीजा से पूछताछ कर रही है।

पुलिस के अनुसार सलोनी वरिष्ठ पत्रकार याग्निक को 11 वर्षों से प्रताड़ित कर रही थी। उसने शुरुआत में 25 लाख की मांग की। रुपए देने का आश्वासन मिलते ही मांग बढ़कर 1 करोड़ हो गई। रकम को देने की बात चल रही थी तभी सलोनी पलट गई और 5 करोड़ की मांग करने लगी। ब्लैकमेलिंग की राशि सुनकर कल्पेश ने रुपए देने से इंकार कर दिया।

कहा जा रहा है कि वह लगातार कल्‍पेश याग्निक की बातचीत को रिकॉर्ड करती थी। पत्रकारों के बीच लीक हुए ऑडियो का स्रोत उसी का वॉट्सएप रहा होगा, ऐसी आशंका जतायी गई है।