EVM अदला-बदली के दर्जनों वीडियो वायरल होने के बावजूद EC ने आरोपों को बताया बेबुनियाद


ईवीएम अदला-बदली की खबरें आने के बाद देर रात जंगीपुर पहुंचे गठबंधन प्रत्‍याशी अफ़ज़ाल अंसार और दरोगा में बहस


सोमवार की शाम उत्‍तर भारत के कई हिस्‍सों से ईवीएम की अदला-बदली और परिवहन संबंधी वीडियो की सोशल मीडिया पर बाढ़ आ गई। चंदौली से लेकर ग़ाजीपुर और झांसी से लेकर सारण तक ईवीएम मशीनों के परिवहन संबंधी वीडियो वायरल हुए।

इन आरोपों पर संज्ञान लेते हुए आज चुनाव आयोग ने उस हर एक लोकसभा के संदर्भ में अपना बयान जारी किया है जहां-जहां से वीडियो और तस्‍वीरें आई थीं। आयोग ने एक सिरे से मशीनों के बदले जाने की बात को नकार दिया है।

 

ग़ाज़ीपुर में गठबंधन के प्रत्‍याशी अफ़जाल अंसारी का एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें वे एक दरोगा से बहस कर रहे थे। इस बारे में आयोग का कहना है कि स्‍ट्रांग रूम पर नज़र रखने संबंधी एक विवाद वहां हुआ था जिसे आयोग के दिशानिर्देशों के बाद सुलझा लिया गया।

चंदौली से एक वीडियो आया था जिसमें कुछ लोगों को सलिडीहा से ईवीएम लाते और कमरा नंबर 10 में रखे जाते दिखाया गया था। इस बारे में आयोग का कहना है कि ये आरोप कुछ लोगों ने लगाए थे जो झूठे और बेबुनियाद हैं।

डुमरियागंज में ईवीएम बदले जाने के आरोपों पर भी आयोग ने कहा है कि वहां पर्याप्‍त सुरक्षा थी और लोगों ने बेमतलब बवाल काटा। झांसी के बारे में भी आयोग का यही कहना है। झांसी के जिला निर्वाचन अधिकारी शिव सहाय अवस्‍थी ने कहा है कि कुछ पोलिंग पार्टियां देर रात से पहुंचीं लेकिन सुबह 7 बजे तक सारे ईवीएम स्‍ट्रांग रूम में रखे जा चुके हैं।

यूपी के मऊ में देर रात कुछ लोग सोशल मीडिया पर फैल रहे वीडियो को देखकर स्‍ट्रांग रूम के बाहर इकट्ठा हो गए थे। मऊ के एसपी के मुताबिक उन लोगों को हलके बलप्रयोग से हटा दिया गया। वे अफ़वाह के चक्‍कर में वहां आ गए थे।

इस बीच मिर्जापुर से कांग्रेस के प्रत्‍याशी ललितेश पति त्रिपाठी ने आयोग को पत्र भेजकर आग्रह किया है कि उन रिजर्व ईवीएम को हटा दिया जाए जो मतगणना केंद्र के सामने रखे हुए हैं।

सोमवार देर रात अलग-अलग जगहों से ईवीएम की हेरा-फेरी को लेकर जो वीडियो ट्वीट किए गए उन्‍हें नीचे दिया जा रहा है


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