Home पड़ताल मेनका गांधी को रायटर्स के पत्रकारों पर गुस्सा पांच महीने की देरी...

मेनका गांधी को रायटर्स के पत्रकारों पर गुस्सा पांच महीने की देरी से क्यों आया?

SHARE
NEW DELHI,INDIA SEPTEMBER 17: Union Cabinet Minister for Women & Child Development Maneka Sanjay Gandhi addressing a press conference in New Delhi.(Photo by Yasbant Negi/India Today Group/Getty Images)

मेनका गाँधी ने रायटर्स के जिन दो पत्रकारों की PIB मान्यता ख़त्म करने की सिफारिश की थी, क्या उन्हें वास्तव में इनकी लिखी 19 अक्टूबर वाली खबर पर ऐतराज़ था या यह केवल एक पब्लिसिटी स्टंट था? यह सवाल इसलिए क्योंकि ठीक पांच महीने पहले उन्हीं पत्रकारों ने मेनका के दो ख़त लीक किये थे और उनके आधार पर वही बातें लिखीं थीं, लेकिन तब मेनका की सेहत पर कोई फर्क नहीं पड़ा था. पांच महीने बाद उन्हीं बातों के लिए क्या किसी ने उन्हें भड़काया? 

 

केंद्रीय महिला और बाल विकास मंत्री मेनका गांधी रायटर्स इंडिया के दो पत्रकारों की पीआइबी मान्यता रद्द करवाना चाहती थीं, इस आशय की एक खबर मंगलवार को दि इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित हुई है। खबर है कि रायटर्स ने 19 अक्टूबर, 2015 को एक रिपोर्ट छापी थी जिसमें मेनका गांधी के हवाले से सरकार की आलोचना की गई थी कि उसने उनके मंत्रालय का बजट कम कर दिया है। इस रिपोर्ट में मेनका गांधी से हुई बातचीत का हवाला है। इसी रिपोर्ट पर मेनका को आपत्ति थी जिस वजह से वे रायटर्स के पत्रकारों आदित्य कालरा और एंड्रयू मैकेस्किल की पीआइबी मान्यता रद्द करवाना चाहती थीं।

दिलचस्प यह है कि 19 अक्टूबर की जिस रिपोर्ट में मेनका के हवाले से जो भी बातें कही गई हैं, वे सभी बातें मेनका द्वारा मार्च और अप्रैल 2015 में वित्त मंत्री अरुण जेटली को लिखे दो पत्रों का हिस्सा थीं, जिस पर आदित्य कालरा की बाइलाइन से रायटर्स पर एक एक्सक्लूसिव रिपोर्ट छपी थी। सवाल यह है कि मेनका को अगर अपने कहे को गलत तरीके से छापे जाने पर आपत्ति है, तो उन्होंने 19 मई, 2015 की रायटर्स की उस रिपोर्ट पर कोई आपत्ति क्यों नहीं जताई जिसमें कंटेंट समान है जबकि उसका आधार बातचीत नहीं, बल्कि लीक हुए उनके दो पत्र हैं जो सबसे ज्यादा विश्वसनीय हैं।

इंडियन एक्सप्रेस की खबर में जो असली बात नहीं बताई गई है, वो यह है कि अक्टूबर से काफी पहले मई में ही आदित्य कालरा ने रायटर्स पर एक एक्सक्लूसिव रिपोर्ट की थी जिसमें मेनका द्वारा वित्त मंत्री अरुण जेटली को लिखे दो पत्रों का उद्धरण दिया गया है। एक पत्र 27 अप्रैल, 2015 का है ओर दूसरा पत्र 5 मार्च, 2015 यानी बजट के ठीक बाद का है।

अगर पांच महीने के अंतराल पर छपी दो रिपोर्टों (19 मई और 19 अक्टूबर) को मिलाकर पढ़ा जाए, तो दोनों का कंटेंट समान नज़र आता है। मेनका गांधी के जो विचार बजट कटौती पर 19 मई की रिपोर्ट में दो पत्रों के आधार पर शामिल किए गए हैं, तकरीबन वही बातें 19 अक्टूबर की रिपोर्ट में भी हैं अलबत्ता उनका आधार मेनका से संवाददाताओं की हुई बातचीत है।

19 मई की रायटर्स की एक्सक्लूसिव खबर और मेनका की दो चिट्ठियां लीक होने के बाद तो कोई हलचल नहीं हुई, लेकिन 19 अक्टूबर को साक्षात्कार के आधार पर ऐसी ही खबर रायटर्स पर छपने के बाद मेनका के मंत्रालय ने इस बात का जोरदार खंडन किया कि बजट कटौती पर मेनका की टिप्पणी प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों की कोई आलोचना है और मंत्रालय ने खबर को ”गलत व खुराफ़ाती’ करार दिया। उसी दिन मंत्रालय ने एक सफ़ाई दी जिसे रायटर्स ने 20 अक्टूबर को ही छाप दिया, लेकिन कहा कि वह अपनी खबर के साथ खड़ा है।

मेनका गांधी को इतने से संतोष नहीं हुआ। उसी दिन उनके निजी सचिव मनोज के. अरोड़ा ने सूचना और प्रसारण मंत्रालय के सचिव सुनील अरोड़ा को एक पत्र भेजकर कहा कि उन्हें ”आदेश मिले हैं कि आपसे कालरा और मैकेस्किल की पीआइबी मान्यता को रद्द करने का अनुरोध किया जाए।” आइबी मंत्रालय ने मामला पीआइबी को सौंप दिया। पीआइबी ने कहा कि मान्यता के प्रावधानों के तहत वह दोनों पत्रकारों की मान्यता को रद्द नहीं कर सकता। उसने मंत्री को सलाह दी कि वे इस मामले को चाहें तो प्रेस काउंसिल में उठा सकती हैं।

12 COMMENTS

  1. Howdy! I know this is kinda off topic however , I’d figured I’d ask. Would you be interested in trading links or maybe guest authoring a blog post or vice-versa? My blog addresses a lot of the same topics as yours and I believe we could greatly benefit from each other. If you might be interested feel free to shoot me an e-mail. I look forward to hearing from you! Awesome blog by the way!

  2. Its such as you read my thoughts! You appear to grasp a lot approximately this, like you wrote the e book in it or something. I think that you just could do with a few p.c. to force the message home a little bit, however instead of that, that is fantastic blog. A great read. I’ll definitely be back.

  3. you are truly a good webmaster. The site loading velocity is amazing. It kind of feels that you’re doing any unique trick. In addition, The contents are masterpiece. you’ve done a great process in this subject!

  4. The subsequent time I learn a blog, I hope that it doesnt disappoint me as a lot as this one. I imply, I do know it was my option to learn, but I actually thought youd have something interesting to say. All I hear is a bunch of whining about something that you may repair when you werent too busy on the lookout for attention.

  5. Aw, this was a really good post. In thought I would like to put in writing like this moreover – taking time and actual effort to create a really good article… but what can I say… I procrastinate alot and by no indicates seem to get one thing done.

  6. We are a group of volunteers and starting a new scheme in our community. Your website offered us with valuable information to work on. You have done an impressive job and our whole community will be grateful to you.

  7. The other day, while I was at work, my cousin stole my apple ipad and tested to see if it can survive a 30 foot drop, just so she can be a youtube sensation. My apple ipad is now broken and she has 83 views. I know this is completely off topic but I had to share it with someone!

  8. A person essentially help to make seriously posts I would state. This is the first time I frequented your website page and thus far? I amazed with the research you made to make this particular publish amazing. Magnificent job!

  9. Very nice post. I just stumbled upon your weblog and wished to say that I have really loved browsing your blog posts. After all I’ll be subscribing for your feed and I am hoping you write again soon!

LEAVE A REPLY