Home पड़ताल कन्हैया का भाषण और टाइम्स ऑफ इंडिया का एक नंबरी झूठ !

कन्हैया का भाषण और टाइम्स ऑफ इंडिया का एक नंबरी झूठ !

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देश का सबसे बड़ा अख़बार ”टाइम्स ऑफ इंडिया” छाती ठोंककर पहले पन्ने पर झूठ छापता है। 16 मार्च को छपा अख़बार इसी की एक बानगी है। अख़बार की लीड ख़बर जेएनयू में हुए घटनाक्रम पर आई प्रशासनिक रिपोर्ट पर है, लेकिन इसी में एक कॉलम 15 मार्च को हुए छात्रों के प्रदर्शन को भी समर्पित है। 15 मार्च यानी मंगलवार को जेएनयू ही नहीं, दिल्ली के तमाम विश्वविद्यालयों के हज़ारों छात्रों, शिक्षकों और बुद्धिजीवियों ने ”सेव डेमोक्रेसी” मार्च निकाला था।

टाइम्स ने इसकी जानकारी देते हुए लिखा है कि ”कन्हैया जय जवान, जय किसान और जय संविधान का नारा लगाने जा ही रहा था कि बार-बार आ रही बाधाओं की वजह से अचानक उसे सभा छोड़कर जाना पड़ा जिसमे एक नौजवान की उसे थप्पड़ मारने की नाकाम कोशिश भी शामिल थी।”

अब ज़रा प्रत्यक्षदर्शी से हवाल सुनिये। कन्हैया के भाषण के बीच में एक बार शोर हुआ और ऐसा करने वालों को तुरंत कार्यकर्ताओं viagra sans ordonnance ने धर दबोचा और पुलिस के हवाले कर दिया। कन्हैया ट्रक पर था और उस तक तो कोई पहुँच ही नहीं पाया तो फिर संवाददाता को कैसे पता चला कि वे लोग थप्पड़ मारना चाहते थे (कहीं ऐसा तो नहीं कि वह ऐसी योजना बनते समय मौजूद रहा हो)। बहरहला, भाषण के बीच आई इस एकमात्र बाधा (जिसे टाइम्स ने बार-बार आने वाली बाधाएँ लिखा है) को कन्हैया ने ख़ुद संभाला। उसने लोगों से उत्तेजित न होने की अपील की और इसके बाद उसने लगभग एक घंटे और भाषण दिया। यही नहीं, सभा में लोग इसके बाद भी डटे रहे और सीताराम येचुरी और डी.राजा ने भी उन्हें संबोधित किया।

ऐसे में सवाल है कि टाइम्स के पहले पन्ने पर यह झूठ छपा कैसे ? कन्हैया के अचानक सभा से चले जाने की आकाशवाणी https://www.acheterviagrafr24.com/achat-viagra-en-ligne-sans-ordonnance/ संवाददाता महोदय ने कैसे सुनी ? इतना तो तय है कि वे मौके पर मौजूद नहीं थे,वरना ऐसा झूठ लिखते वक्त शरमा ज़रूर जाते। आख़िर हज़ारों लोगों की मौजूदगी में कन्हैया ने भरपूर भाषण दिया था जिसमें उस पर हमले की कोशिश करने वालों के लिए मोदी सरकार में ”सेट” हो जाने की शुभकामनाएँ भी थीं। कहीं ऐसा तो नहीं कि यह सब किसी संपादक की नज़र का कमाल हो..जो कन्हैया और जेएनयू पर आजकल टेढ़ी है।

ख़ैर टाइम्स ऑफ इंडिया चाहे तो कम से कम पहले पन्ने को तो झूठ से मुक्त रख ही सकता है..। मतलब..एक सुझाव है. !