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मीडियाविजिल के दो साल पूरे होने पर लखनऊ में आज रिहाई मंच का भव्‍य सामाजिक न्‍याय सम्‍मेलन

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आज सहारनपुर के शब्बीरपुर गांव में हुई दलित विरोधी हिंसा का एक साल पूरा हुआ है। साथ ही ख़बरों की खबर लेने वाली वेबसाइट मीडियाविजिल के संचालन का दो साल पूरा हो चुका है। इस मौके पर जस्टिस राजिंदर सच्‍चर की स्‍मृति में आज रिहाई मंच लखनऊ में एक भव्‍य सम्‍मेलन आयोजित करने जा रहा है। आयोजन का विषय है ”लोकतांत्रिक संस्‍थाओं पर बढ़ते हमले और नया प्रतिरोध”, जो निशातगंज की कै़ी आज़मी अकेडमी में रखा जा रहा है।

भाजपा सरकार में लोकतांत्रिक संस्थाओं पर लगातार हमले हो रहे हैं और हाशिये पर पड़े समाज के ऊपर सरकारी दमन भी बढ़ा है। सहारनपुर दलित विरोधी हिंसा में उभरे प्रतिरोध के नायक भीम आर्मी के नेता चन्द्रशेखर आजाद के ऊपर रासुका लगाकर जेल में रखा गया है। सहारनपुर से लेकर बलिया तक पूरा सूबा जातिगत–साम्प्रदायिक आग में झुलस रहा है। मुठभेड़ के नाम पर दलित, पिछड़े और मुसलमानों की हत्याएं हो रही हैं। सामन्ती ताकतों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि पूरे सूबे में संविधान निर्माता बाबासाहेब की मूर्तियाँ दिन-दहाड़े तोड़ी जा रही हैं। एससी-एसटी एक्ट को कमजोर करने की साजिश रची जा रही है और इसके खिलाफ 2 अप्रैल को हुए देशव्यापी आन्दोलन में शामिल लोगों के ऊपर संगीन धाराओं में मुक़दमे लादकर जेलों में ठूस दिया गया है। देश के तमाम संस्थानों में दलितों –पिछड़ों के प्रतिनिधित्व को कानून बनाकर ख़त्म किया जा रहा है। न्यायपालिका में भी न सिर्फ राजनीतिक हस्तक्षेप बढ़ा है बल्कि पूरी न्‍याय व्यवस्था पर ही खतरा मंडरा रहा है।

पूरे देश में मीडियाकर्मियों पर हमले हो रहे हैं। मीडिया संस्थान या तो बिक चुके हैं या दमन और उत्पीड़न झेल रहे हैं। मीडियाविजिल के दो साल पूरा होने पर इस तरह की वैकल्पिक पत्रकारिता की सामाजिक जिम्‍मेदारी और बढ़ जाती है जिसका सरोकार आम लोगों से जुडा हुआ है। जब लोकतंत्र पर चौतरफा हमला हो रहा है तो ऐसे वक्त में मीडियाविजिल जैसे संस्थानों की भूमिका बढ़ जाती है।

यह सम्‍मेलन इसी पृष्‍ठभूमि में रखा गया है।

मानवाधिकारों और लोकतांत्रिक आंदोलनों के संरक्षक जस्टिस राजिंदर सच्चर की स्‍मृति में यह सम्‍मेलन होना है, जिसमें मुख्य वक्ता के बतौर भीम आर्मी के राष्ट्रीय प्रवक्ता मंजीत सिंह नौटियाल, गांधीवादी कार्यकर्ता हिमांशु कुमार, मीडियाविजिल के संस्थापक संपादक पंकज श्रीवास्तव, पूर्व आईजी एसआर दारापुरी, अल्पसंख्यक अधिकार मंच के शमशाद पठान और मीडियाविजिल के कार्यकारी संपादक अभिषेक श्रीवास्तव शामिल होंगे।

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