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मुसलमानों की जनसंख्‍या से आतंकित लोगों के लिए ईद पर एक हिंदू का पैग़ाम

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बीते 28 मई को जनसंख्या नियंत्रण पर एक जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार को एक नोटिस जारी किया है। इस नोटिस में अदालत ने केंद्र सरकार से कहा है कि वो ‘नेशनल कमीशन टू रिव्यु द वर्किंग ऑफ़ द कॉन्स्टिट्यूशन’ द्वारा भारत में जनसंख्या नियंत्रण को लेकर दी गई अनुशंसाओं को लागू करना सुनिश्चित करें।

इस जनहित याचिका और हाई कोर्ट के नोटिस के बाद जनसंख्या नियंत्रण का मसला एक बार फिर प्रासंगिक हो गया है।

लोकसभा चुनाव की गहमागहमी के बाद सुस्त पड़े न्यूज़ चैनल्स को फिर एक ज्वलन्त मुद्दा मिल गया है।

इसी बीच एक दिन यूँ ही घर में चलते फिरते टीवी पर नज़र पड़ी। एक न्यूज़ चैनल पर दीपक चौरसिया मजमा लगाए हुए थे और एक मौलवी जी से सवाल कर रहे थे कि क्या बच्चों की संख्या से जुड़ा कानून आना चाहिए?

मौलवी जी उनके बार-बार उकसाने वाले अंदाज़ से इरिटेट हो रहे थे। न्यूज़ चैनल पर चल रही इस बहस ने जो बहस से ज़्यादा एक कुछ और लग रही थी, मेरे मन में भी सवाल खड़े किए।

इसमें तो कोई दो राय नहीं कि देश की बढ़ती जनसंख्या का ज़िम्मेदार सीधे तौर पर मुस्लिम समाज को माना जाता है।

हमारे देश में आज भी बहुत से प्रबुद्ध पढ़े-लिखे वेल एजुकेटेड और वेल सेटल्ड लोग इस चिंता में दुर्बल हुए जा रहे हैं कि देश में मुस्लिमों की बढ़ती संख्या ही देश की दुर्दशा की ज़िम्मेदार है, और एक दिन ऐसा आएगा जब इनकी संख्या हिंदुओं से ज़्यादा हो जायेगी, और ये लोग हम पर राज़ करेंगे।

यह एक ऐसा भय है जिसने एक ख़ास दल को राजनैतिक तौर पर बहुत फायदा भी पहुंचाया है।

आम तौर पर जब भी मेरे मन में इस तरह के सवाल आते हैं तब, मैं सबसे पहले अपने आप पर, अपने परिवार और अपने समाज पर नज़र डालती हूँ। इस बार भी यही किया और कुछ तथ्‍य निकल कर आए जो निम्‍न हैं :

1: मेरे तीन भाई हैं, यानी हम चार भाई बहन हैं। मेरी दो ताई जी हैं, दोनों के तीन-तीन बच्चे हैं। मेरी दो चाची के चार-चार बच्चे हैं। हम सब हिन्दू हैं।

2: मेरे पापा 3 भाई बहन थे। चचेरे चाचा 5 भाई बहन थे। मेरी सास 6 बहनें थीं। मेरे ससुर जी 3 भाई बहन हैं। सभी हिन्दू हैं।

3: मेरी बड़े फूफाजी 8 भाई बहन हैं और छोटे फूफाजी 7 भाई बहन हैं। सभी (कट्टर) हिन्दू और देश (मोदी) भक्त हैं।

4: मेरी एक दोस्त 5 या 6 भाई बहन है और एक 3 भाई बहन है। सभी हिन्दू हैं।

5: मेरे अपार्टमेंट में ज़्यादातर हिन्दू परिवारों में 1 या 2 बच्चे हैं। अपवादस्वरूप् एकाध परिवारों में 2 से ज़्यादा बच्चे हैं। इसी तरह मुस्लिम परिवारों में 2 बच्चे हैं, एक परिवार में तीन बच्चे हैं।

6: मेरी पीढ़ी के मेरे हिन्दू रिश्तेदारों और दोस्तों के यहाँ 1 या 2 बच्चे हैं इसी तरह मुस्लिम दोस्तों और परिचितों के यहाँ भी 2 बच्चे हैं।

7: मेरी कामवाली के चार बच्चे हैं। उससे पहले वाली के 3 बच्चे हैं। ये दोनों ही कामवाली मेरी पीढ़ी की हैं। हिन्दू हैं और मोदी (भाजपा नहीं) को वोट देती हैं।

इस सूची से जो निष्कर्ष निकलता है वो कुछ इस प्रकार है:-

1: निचले तबके यानी गरीब अशिक्षित हिन्दू/मुस्लिम परिवारों में अभी भी बच्चों की संख्या अधिक ही है।

2: पढ़े लिखे जागरूक हिन्दू/ मुस्लिम परिवारों में बच्चों की संख्या 1 या 2 से अधिक नहीं।

3: जनसंख्या वृद्धि का सम्बन्ध धर्म से नहीं, अशिक्षा, गरीबी और जागरूकता की कमी से जुड़ा मसला है।

4: जिस तरह मुस्लिमों को अपनी संख्या बल बढ़ाने के बजाय बेहतर जीवन स्तर शिक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देनी होगी, वैसे ही हिन्दू समाज को पुत्र रत्न की प्राप्ति (अपने वंश को आगे बढ़ाने और पुत्र के ही माध्यम से मोक्ष प्राप्त करने) के मोहजाल से निकलना होगा।

5: हिन्दू हो या मुस्लिम, अपनी संख्या बढ़ाने के बजाय इस बात पर ध्यान देना होगा कि हम आने वाली पीढ़ी को कैसा समाज कैसा पर्यावरण देकर जा रहे हैं। इसलिए बच्चों में बिजली पानी को बचाने अधिक से लेकर पेड़-पौधे लगाने और अत्यंत उपभोक्तावादी संस्कृति से बचने के संस्कार देने होंगे।

बच्चों की संख्या आपकी देशभक्ति की कसौटी नहीं। हमारे पुरखे हमसे कम देशभक्त नहीं थे। इसलिए निराश मत होइए और प्रोपेगंडा से ऊपर उठकर देश के पर्यावरण को, देश के हवा पानी को बचाइए। हो सके तो शिक्षा और जागरूकता फैलाइए। बाज़ारवाद से बचिए और देश से प्यार कीजिए।

इस ईद का यही पैग़ाम है। ख़ैर मुबारक!

 

8 COMMENTS

  1. देश में टाटा गोदरेज जैसे पारसियों की संख्या कुछ हजार ही है परंतु वह अरबपति ,खरबपति परिवार हैं ।दूसरी ओर मुसलमान क्या काम करते हैं ?साइकिल में पंचर लगाते हैं, दर्जी,नाई ,बढई का काम करते हैऔर बहुत कम कमाते हैं । क्या आप यकीन करेंगे कि किसी राज्य का मुख्यमंत्री भी टाटा आदि की फैक्ट्री में श्रम कानून लागू न करने पर कार्रवाई करने की सोच भी सकता है । अगर कोई उदाहरण हो तो बताइएगा ।और जापानी बौद्ध तो शायद कुछ दर्जन ही होंगे । लेकिन याद है किस तरह भारत की हाई कोर्ट, सुप्रीम कोर्ट से लेकर तमाम प्रधानमंत्री मुख्यमंत्री तक मारुति के मालिक और समभवत HR मैनेजर अवनीश के हत्यारे ओसामू सुजुकी के चरणों में 18 जुलाई 2012 की घटना के बाद नतमस्तक हो गए हैं। और मारुति सुजुकी के निर्दोष 13 मजदूर आज तक जेलों में बंद हैं वह भी भारतीय जेलों में । मजदूर का कोई देश नही होता—-मार्क्स
    दुनिया के मजदूरों एक हो।

  2. Ye sali jo bhi hai ya to mulli hai ya mulli banane vali hai rand sali

  3. Apne bahut sahi kaha, agar hakeekat dekhe to population growth ki asli wajah ashiksha aur garibi hi hai, Lekin inhe hakikat dekhni hi kaha hai, kahna Mr. Katju ka inhe to bas hawa me teer mar dena h

  4. Ashish kumar pandey

    Jansankhya niyantran hona chahiye.khani faltu hai.jansankhya ashiksha k karan hai ashiksha garibi k karan hai garibi jansankhya adhik hone k karan hai.lekin garibi k bahut karan aur bhi hai to jansankhya niyantran zaroori hai.

  5. Tumhari murkhta k karan time khrab ho raha hai.

  6. For your kind information all terrorist organizations head were / are educated muslim only for e.g. osama bin laden was an engineer, al Jawahari was a doctor list is long ….

  7. Aaj hamare samaj me jo bhi samsayien hai puja ji, unka seedha Karan hamari betartib aabadi hai, ye Jo paryavaran or hawa Pani waali badi badi Baatien jo aap kar Rahi hain, agar aapki sonch thori si or gehri Hoti toh aap saaf dekh pati ki hum is Jansankhya k growth k saath chain se nahi reh sakte. Hasi toh is baat pe aati hai, aapne Apne building or Apne pariwar Ko pure Desh ka sample samajh Liya. Aap patrakar hai aapse isse Kahi jayada tathaya ki asha hai. Asliyat ye hai ki logo se Kahi jyada aap dari hui hai. Sach Ko sach kehne ki himmat laiye. Or propagana waali sonch kis samaj ki hai ye Kashmir, Kerala or hamare priya padoshi Pakistan k demographic data se seekhiye. Or bhi data hai 2011 ki population counting ki, aapko wo study karni chahiye, Apne building ki jegah. Khair Mai bhi kisko samjha Raha hun. Agar meri koi baat ne apko dukh pahuchaya ho. Feel free to write me at anmol.hitme@gmail.com

  8. Pr muslmano. M bacha rokna ya condom lagana kisi b tarah se bache banne se rokna sab haraam h maine shiqshit muslmano ko b 5 5 bache palte dekha h ye sab dharm ka hi gyan h

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