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गिनीज़ रिकॉर्ड गया तेल लेने! बाबा रामदेव की दस हजार करोड़ी सरकारी ‘खिचड़ी’ देखिए…

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Sabrangindia, Nov 04


वर्ल्‍ड फूड इंडिया में सेलिब्रिटी खानसामे जहां हजार किलो खिचड़ी पकाने में जुटे थे, वहीं दूसरी तरफ भारत सरकार ने बाबा रामदेव की कंपनी के साथ मिलकर कुल 10,000 करोड़ की खिचड़ी पका दी। पतंजलि आयुर्वेद की कुल कारोबारी औकात यानी टर्नओवर 10,000 करोड का है। सरकार ने कुल इतने का ही समझौता बाबा से कर लिया है। ज़ाहिर है, कंपनी अगर वित्‍त वर्ष 2017-18 में 100 फीसदी वृद्धि का अनुमान लेकर चल रही है, तो इसमें आश्‍चर्य नहीं होना चाहिए।

अगर सत्ता से करीबी हो तो कोई कंपनी किस तरह रफ्तार पकड़ सकती है, इसका बेहतरीन उदाहरण योग गुरु रामदेव की कंपनी पतंजलि है। केंद्र और विभिन्न राज्यों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और उनके समर्थित दलों की सरकारें बनने के बाद रामदेव की कंपनी सरकारों के साथ धड़ाधड़ समझौते करती जा रही है। नई दिल्ली में आयोजित वर्ल्ड फूड इंडिया 2017 के दौरान केंद्र सरकार और बाबा रामदेव की पतंजलि आयुर्वेद के बीच 10 हजार करोड़ रुपये का समझौता हुआ है।

समझौते के दौरान केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण मंत्री हरसिमरत कौर बादल और पतंजलि के सीईओ आचार्य बालकृष्ण मौजूद थे। पतंजलि आयुर्वेद के संस्थापक बाबा रामदेव और बालकृष्ण ने इस साल मई में बताया था कि कंपनी का वित्त वर्ष 2016-17 में टर्नओवर 10,561 करोड़ रुपये था। भारत सरकार ने पतंजलि के साथ उसके वार्षिक टर्नओवर जितने का समझौता किया है।

इससे पहले भी कई राज्य सरकारें पतंजलि के साथ फूड पार्क के लिए जमीन उपलब्ध कराने जैसे समझौते कर चुकी हैं। पतंजलि 2017-18 वित्त वर्ष में 100 प्रतिशत ग्रोथ का अनुमान लेकर चल रही है।

पतंजलि के सीईओ बालकृष्ण की एसेट्स एक साल में मुकेश अंबानी की तुलना में तीन गुना तेजी से बढ़ी हैं। अंबानी की एसेट्स 58% जबकि बालकृष्ण की एसेट्स में 171% की बढ़ोतरी हुई। हुरून इंडिया की लिस्ट में यह जानकारी दी गई है। लिस्ट के मुताबिक 2016 में बालकृष्ण की एसेट्स 25000करोड़ रुपये थी जो अब 70000 करोड़ रुपये हो गई हैं। बता दें कि बालकृष्ण 34 कंपनियों के हेड हैं। ये सभी कंपनियां पतंजलि की हैं। इसके अलावा वह तीन ट्रस्ट के भी चीफ हैं।

इस साल की शुरुआत में भाजपा शासित राज्य हरियाणा सरकार ने औषधीय खेती के लिए पतंजलि के साथ 53 एकड़ जमीन के सौदे को अंतिम रूप दिया था। 20 फरवरी 2017 को बीएसएफ वाइव्ज वेलफेयर एसोसिएशन ने पतंजलि आयुर्वेद के साथ समझौता किया था। समझौते के तहत देश भर के बीएसएफ परिसर में पतंजलि के स्टोर खोले जाने हैं।

पतंजलि ने सितंबर 2016 को नागपुर में 40 हजार वर्ग फुट क्षेत्रफल में 1,000 करोड़ रुपये निवेश कर संयंत्र स्थापित करने की घोषणा की थी और परिधान कारोबार में उतरने का मन बनाते हुए जींस पैंट बाजार में उतारने की घोषणा की थी।

19 अक्टूबर 2017 की टाइम्स आफ इंडिया की खबर के मुताबिक बाबा रामदेव के बहुआयामी उद्यम पतंजलि को उदार भूमि आवंटन सौदे पर सार्वजनिक आरटीआई दस्तावेज बनाने में मदद के बाद दो लोक सूचना अधिकारियों (पीआईओ) को पखवाड़े से भी कम समय में ट्रान्सफर कर दिया गया।इस अखबार एक लेख के मुताबिक यह पाया गया है कि एमएडीसी (महाराष्ट्र हवाई अड्डा विकास कंपनी) के दो अधिकारी अतुल ठाकरे विपणन प्रबंधक, जो कि नागपुर शाखा के पीआईओ थे, मुंबई में चले गए। और विपणन प्रबंधक समीर गोखले, जो मुंबई में पीआईओ थे, को नागपुर में ट्रान्सफर कर दिया गया।

इससे पहले 8 मार्च को टाइम्स ऑफ इंडिया ने आईएएस अधिकारी बिहाय कुमार की खबरों को प्रकाशित किया था, जो वित्तीय सुधारों के लिए मुख्य सचिव थे। उन्हें जमीन आवंटन के तरीके पर अपनी चिंता व्यक्त करने के तुरंत बाद हस्तांतरण प्रमाणपत्र के साथ बधाई दी गई थी।

बिजु कुमार ने पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड को दी गई जमीन के लिए 75% छूट का आधार पर सवाल उठाया और तीन सप्ताह के करीब स्थानांतरण कर दिया।

उसके बाद ठाकरे और गोखले को भी आरटीआई दस्तावेजों को उपलब्ध कराने में मदद करने के बाद स्थानांतरित कर दिया गया था, जो भूमि आवंटन समझौते से पता चला था।


sabrangindia से साभार  

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