Home आयोजन “राष्ट्रीय आंदोलन फ्रंट” के तीन दिवसीय घासेड़ा (नूह) हरियाणा पड़ाव की रिपोर्ट

“राष्ट्रीय आंदोलन फ्रंट” के तीन दिवसीय घासेड़ा (नूह) हरियाणा पड़ाव की रिपोर्ट

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प्रेसनोट

सबसे सुन्दर है हमारो हिन्दुस्तान…


नई दिल्ली. आज़ादी की लड़ाई के मूल्यों को समर्पित संगठन “राष्ट्रीय आंदोलन फ्रंट” ने गाँधीजी की 150वीं जयंती पर अपने राष्ट्रीय अभियान की शुरुआत अनोखे ढ़ंग से की. राष्ट्रीय आंदोलन फ्रंट की दिल्ली और हरियाणा इकाइयों ने मेवात इलाके में पड़ने वाले नूह जिले के घासेड़ा गाँव में तीन दिनों का डेरा जमाया और स्थानीय लोगों को गाँधीजी का वो वचन याद दिलाया जो उन्होंने मेवात के मुसलमानों को 19 दिसंबर 1947 को दिया था. दरअसल, बँटवारे के दंगों के बाद मेव मुसलमानों पर हर तरफ़ से हमले हो रहे थे और सैकड़ों मेवों को इन दंगों में अपनी जान से हाथ धोना पड़ा था. तब मेवों के कुछ राष्ट्रवादी नेताओं ने गाँधीजी को जाकर सारा हाल कह सुनाया और गाँधीजी ने घासेड़ा आकर मेव मुस्लिमों को आश्वस्त किया कि आज़ाद भारत में वो पूरी तरह सुरक्षित हैं. इसी आश्वासन के बाद मेव मुस्लिम भारत में रुके थे और सरदार पटेल के दखल के बाद प्रशासन ने मेवात की स्थिति को संभाल लिया था.

आज के माहौल में जहाँ मेवात हिंसा और घृणा का शिकार बनाया जा रहा है, राष्ट्रीय आंदोलन फ्रंट ने गाँधीजी के इसी वचन को दोहराने के लिए घासेड़ा में तीन दिनों का पड़ाव डाला. इस दौरान स्थानीय लोगों के साथ गहन संवाद, गाँधीजी पर आधारित फ़िल्मों की स्क्रीनिंग, घासेड़ा के आसपास के गाँवों में जनसंपर्क, स्कूली बच्चों के साथ संवाद तथा प्रभात फ़ेरियों आदि का आयोजन किया गया. स्थानीय सीनियर सेकेंडरी गांधीग्राम स्कूल में तीन दिनों के इस पड़ाव के दौरान स्थानीय निवासियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया. फ्रंट की टीम इस दौरान अपने आवास व भोजन के लिए पूरी तरह स्थानीय मदद पर निर्भर रही. स्थानीय जनप्रतिनिधियों के अतिरिक्त मेवात विकास के पदाधिकारियों ने भी राष्ट्रीय आंदोलन फ्रंट के आयोजन में सक्रिय भागीदारी निभाई.

अंतिम दिन सुबह घासेड़ा गाँव में एक प्रभात फेरी निकाली गयी जिसमें स्कूली बच्चों के अतिरिक्त स्थानीय लोगों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया. घासेड़ा गाँव की गलियाँ इस प्रभात फेरी के दौरान “गाँधीजी का मिशन अधूरा, हम सब मिलकर करेंगे पूरा” जैसे नारों से गूँज गया. इस प्रभात फेरी का आयोजन एक आम सभा के साथ हुआ जिसकी शुरुआत गाँधीजी के चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुई. इसके बाद राष्ट्रीय आंदोलन फ्रंट की परंपरा के अनुसार सभी अतिथियों की कलाई में खादी का बना तिरंगा रक्षा सूत्र बाँधा गया. इसके बाद स्कूल के बच्चों ने स्वागत गीत और “सबसे सुन्दर है हमारो हिन्दुस्तान” गीत गाया, जिसमें मेवात के पारंपरिक मीरासी गायकों ने उनका साथ दिया. तत्पश्चात मेवात विकास सभा के संरक्षक सद्दीक अहमद मेव एवं अध्यक्ष मोहम्मद सलामुद्दीन, राष्ट्रीय आंदोलन फ्रंट के साथी सौरभ बाजपेयी, गौतम कुमार, सनी धीमान, सोनू राजेश के अतिरिक्त स्थानीय सरपंच मोहम्मद अशरफ तथा इतिहासकार तारिक हुसैन ने सभा को संबोधित किया. सभी लोगों ने गाँधीजी के घासेड़ा आगमन को विस्तार से याद किया और संकल्प लिया कि सब मिलकर देश को गाँधीजी के सपनों का भारत बनायेंगे. सभा का समापन शान्ति और एकता के गीत “जय जगत पुकारे जा” के साथ हुआ. तीन दिनों के पड़ाव के दौरान सनी राना, सनी धीमान और प्रशांत ने इस पड़ाव के क्षणों को अपने कैमरों में रिकॉर्ड किया, जिसके आधार पर एक विडियो रिपोर्ट तैयार की जायेगी.

बताते चलें कि राष्ट्रीय आंदोलन फ्रंट की स्थापना 15 अगस्त 2015 को नयी दिल्ली के जवाहरलाल नेहरु विश्वविद्यालय से हुई थी. इसका उद्देश्य देश भर में आज़ादी की लड़ाई की विरासत को मजबूत बनाते लोगों में सामाजिक नवनिर्माण की अलख जगाना है. फ्रंट और उसके सहयोगी संगठनों— श्री रासबिहारी मिशन ट्रस्ट और भारत नवजागरण योजना— ने मिलकर इस साल को गाँधीजी को समर्पित किया है. इस अभियान का उद्देश्य न सिर्फ़ गाँधीजी की विरासत का प्रचार-प्रसार करना है बल्कि फ्रंट व उसके सहयोगी संगठनों के कैडर का विस्तार करना भी है.


अटल तिवारी द्वारा जारी