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CAAJ कन्वेंशन: सत्य के आखेट में जुटी सत्ता के मुक़ाबले गुरिल्ला पत्रकारिता की ज़रूरत!

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दिल्ली के कान्स्टीट्यूशन क्लब में आज सुबह पत्रकारों पर हमले के ख़िलाफ़ दो दिवसीय राषट्रीय कन्वेंशन प्रारंभ हुआ। इस कन्वेंशन में शामिल होने देश के हर कोने से पत्रकार दिल्ली पहुँचे हैं। उद्घाटन सत्र को देशबंधु अख़बार के एडिटर इन चीफ़ ललित सुरजन और अभिनेता/सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश राज ने संबोधित किया। अध्यक्षता तीसरी दुनिया के संपादक आनंद स्वरूप वर्मा और संचालन मीडिया विजिल के संस्थापक संपादक डॉ.पंकज श्रीवास्तव ने किया। पत्रकारों की अंतरराष्ट्रीय संस्था CPJ (कमेटी टू प्रोटेक्ट जर्नल्सिट) के भारतीय प्रतिनिधि कुणाल मजूमदार ने पत्रकारों की स्थित पर रिपोर्ट पेश की और संगठन की ओर से आयोजन को समर्थन दिया।

वक्ताओं ने साफ़ कहा  कि हालात इमरजेंसी से भी ख़राब हैं और मुख्यधारा की पत्रकारिता सूचना देने के नहीं सूचना छिपाने के धंधे में है। वैकल्पिक पत्रकारिता के बारे में गंभीरता से विचार करने की ज़रूरत है। ललित सुरजन ने गुरिल्ला पत्रकारिता की ज़रूरत पर ज़ोर देते हुए कहा कि पत्रकारिता जोखिम लेने का काम है और इसका रिश्ता तक़लीफ़ से हैं। युवा पत्नकारों को चाहिए कि छोटे-छोटे प्रयासों और सोशल मीडिया के ज़रिए बड़े-बड़े सत्य का उद्घाटन करने का जोखिम लें। आनंद स्वरूप वर्मा ने कहा कि जब अंधेरा इतना घना हो तो सच बोलना ही क्रांतिकारी कार्य है। प्रकाश राज ने शहीद गौरी लंकेश और उनके पिता के बहाने जनपक्षधर पत्रकारिता और चकमक पत्रकारिता के फ़र्क़ को बताते हुए इसे नागरिकों के साथ धोखा बताया।

उद्घाटन सत्र में उत्तराखंड संघर्ष वाहिनी के नेता शमशेर सिंह विष्ट के निधन पर शोक जताते हुए दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई।

ये सारी बातें विस्तार से जानने के लिए आप देखिए यह वीडियो…