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शहीद लेखकों की स्‍मृति में यात्रा पर निकल रहा है मध्‍य प्रदेश के हिंदी लेखकों का जत्‍था

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प्रेस विज्ञप्ति
13.02.2017

अभिव्‍यक्ति की आज़ादी के हक़ में संघर्ष के साथ एकजुटता दिखाने के लिए मध्‍य प्रदेश प्रगतिशील लेखक संघ से जुड़े हिंदी के लेखकों का एक जत्‍था पिछले तीन वर्षों के दौरान शहीद हुए तीन लेखकों डॉ. नरेंद्र दाभोलकर, कामरेड गोविंद पानसरे और प्रो. एम.एम. कलबुर्गी के परिवारों का दौरा करेगा। यह दल मारे गए लेखकों के परिजनों और स्‍थानीय लेखकों के साथ मुलाकात और बातचीत करेगा। इस दल में मध्‍य प्रदेश के जाने-माने कवि, गद्यकार और पत्रकार शामिल हैं।

पिछले कुछ वर्षों के दौरान तीन लेखकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की उन साम्‍प्रदायिक व असहिष्‍णु ताकतों ने हत्‍या की है जिन्‍हें वैज्ञानिक चेतना के प्रसार के काम में लगे इन लेखकों के काम पर आपत्ति थी। इस दौरे की योजना ऐसे सामाजिक कामों में लगे लेखकों की अभिव्‍यक्ति की आज़ादी को बचाने और उसके पक्ष में खड़े होने के लिए बनाई गई है। इसके अलावा यह दौरा हिंदी के लेखकों को उन क्षेत्रो के सामाजिक-राजनीतिक व साहित्यिक सरोकारों को समझने में भी मददगार साबित होगा।

यात्रा पुणे से शुरू होगी। आरंभ में लेखकों का दल स्‍थानीय फिल्‍म एंड टेलीविज़न इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया में जाकर वहां के छात्रों आौर पुणे के लेखकों व एक्टिविस्‍टों से संवाद करेगा। उसके बाद यह दल डॉ. दाभोलकर के गृहजिले सतारा, कामरेड पानसरे के गृहजिले कोल्‍हापुर और प्रो. कलबुर्गी के घर धारवाड़ जाएगा।

प्रतिनिधिमंडल में भोपाल से कवि, वसुधा के संपादक और मध्‍य प्रदेश पीडब्‍लूए के अध्‍यक्ष राजेंद्र शर्मा, कवि और प्रलेस के सदस्‍य अशोकनगर के हरिओम राजौरिया, मप्र प्रलेस के महासचिव और कवि इंदौर के विनीत तिवारी, सतना से कवि बाबूलाल दहिया, सीधी से शिवशंकर मिश्रा सरस, जबलपुर से तरुण गुहा नियोगी, दमोह से सुसंस्‍कृति परिहार, मंदसौर से वरिष्‍ठ पत्रकार हरनाम सिंह, छिंदवाड़ा से कहानीकार दिनेश भट्ट, अशोकनगर से रंगकर्मी सीमा राजौरिया और भोपाल से ‘समय के साखी’ की संपादक और कवि आरती मिश्र शामिल हैं।

यह प्रयास विभिन्‍न भाषाओं के लेखकों के बीच एक रिश्‍ता कायम करने की कोशिश करेगा तथा एक-दूसरे के समाजों से जुड़ी समस्‍याओं की बेहतर परस्‍पर समझदारी कायम करेगा। इसके अलावा समकालीन साहित्‍य में नई तकनीकों, शैली के नवाचार, रूप और अंतर्वस्‍तु को समझने मेंे भी परस्‍पर मदद मिलेगी।

यह दल कोल्‍हापुर में आगामी 20 फरवरी को कामरेड गोविंद पानसरे स्‍मृति कार्यक्रम में भी हिस्‍सा लेगा जहां अपने समाज को और मानवीय बनाने  के संकल्‍प को दुहराया जाएगा।

मध्‍य प्रदेश प्रगतिशील लेखक संघ की ओर से जारी