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MKSS की नज़र से जानिये कैसे बना RTI कानून, तीन दशक के संघर्ष पर किताब का लोकार्पण

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दिल्‍ली। यहां के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में शुक्रवार की शाम यादगार रही। मौका था प्रसिद्ध समाजकर्मी अैर पूर्व आइएएस अरुणा राय और एमकेएसएस यानी उनके संगठन मजदूर किसान शक्ति संगठन द्वारा लिखी गई किताब The RTI Story के लोकार्पण का, जहां पिछली पीढ़ी के नागरिक समाज, नौकरशाही, पत्रकारिता, अकेडमिक्‍स और एनजीओ के तमाम बुजुर्गवार चेहरे बरसों बाद आपस में एक मंच पर मिले। इस किताब पर लंबे समय से काम चल रहा था और इसी महीने रोली बुक्‍स ने इसे अंग्रेज़ी में छापा है।

आयोजन में सूचना के अधिकार के लिए तीन दशक तक संघर्ष करने वाले और उससे किसी न किसी स्‍तर पर जुड़े हर शख्‍स की मौजूदगी थी। बरसों बाद अरुणा राय की बुजुर्गवार बुआ भी इस कार्यक्रम में आई थीं, जो आकर्षण का केंद्र थीं। इसके अलावा वयोवृद्ध पत्रकार कुलदीप नैयर, हर्ष मंदर, उपेंदर बख्‍शी, नाटककार त्रिपुरारी शर्मा, योजना आयोग की पूर्व सदस्‍या सईदा हमीद समेत पिछले ज़माने के कद्दावर सामाजिक चेहरे मौजूद थे।

आरटीआइ कानून की एक विशेषता यह रही थी कि नब्‍बे के दशक में तमाम पत्रकार इस कानून को बनवाने के संघर्ष में एमकेएसएस के साथ जुड़े थे। इस लिहाज से देखें तो आज़ादी के बाद यह कोई पहली सामूहिक कवायद थी जिसमें पत्रकारों ने महती भूमिका निभासी थी। अरुणा राय ने कुलदीप नैयर के अलावा मरहूम अजित भट्टाचारजी, निखिल चक्रवर्ती और प्रभाष जोशी को शिद्दत से याद किया और उनका योगदान गिनाया।

कोई 400 पन्‍ने की इस पुस्‍तक के लोकार्पण के साथ उसके हिंदी संस्‍करण के कवर पेज का भी लोकार्पण किया गया। पुस्‍तक का हिंदी में अनुवाद पत्रकार अभिषेक श्रीवास्‍तव ने किया है और राजकमल प्रकाशन इसे सार्थक इम्प्रिंट से छाप रहा है। हिंदी संस्‍करण का लोकार्पण राजस्‍थान के राजसमंद जिले के भीम कस्‍बे में मजदूर दिवस 1 मई को होगा जहां एमकेएसएस ने अपना पहला सफल धरना दिया था। इस जगह बरसों से एमकेएसएस हर साल 1 मई को अपने आयोजन करता रहा है।

कार्यक्रम की मुख्‍य आकर्षण नौरती देवी रहीं, जो अरुणा राय की पुरानी साथी हैं। अरुणा उन्‍हें अपना गुरु मानती हैं। नौरती ने राजस्‍थानी बोली में अपना अनुभव रखा। आरटीआइ के दौर के गीत की प्रस्‍तु‍ति विनय ने की। दिल्‍ली में सुंदरनगरी के संघर्ष से जुड़ा एक लोकप्रिय गीत पाणिनि आनंद ने गाया और सभागार में मौजूद सभी ने कोरस में स्‍वर मिलाया।

इस पुस्‍तक का लोकार्पण इससे पहले राजस्‍थान के ब्‍यावर और जयपुर में जनता के बीच किया जा चुका है। पिछले सप्‍ताह दिल्‍ली के गांधी शांति प्रतिष्‍ठान में भी इसका लोकार्पण था। अरुणा के मुताबिक देश भर के तमाम केंद्रों पर इसका लोकार्पण किया जाएगा और हिंदी के अलावा इसका मलयालम सहित दूसरी भाषाओं में अनुवाद हो रहा है।

2 COMMENTS

  1. What is RTI,ANTI CORRUPTION LAWS, LABOUR LAWS, JUDICIARY, EXECUTIVE AND PARLIAMENT IN A BOURGEOIS DEMOCRACY ? It keeps MASSES in ILLUSIONS . And how? Say it may pardon RBI for not disclosing names of big defaulters ETC etc But occasionally catches a SAHARA SRI. Or as in Loya murder case do a press conference against CJI. But never ever THEY COULD implicate HIGH COURT JUDGE FOR SAYING IF BAIL GIVEN TO MARUTI WORKERS FDI SHALL NOT COME. It next to impossible that we want to personally appear ALL CM AND PM FOR NOT IMPLEMENTATION IF EQUAL PAY FOR EQUAL WORK. OR NO double overtime for double work.

  2. Are not you surprised that No High court judge is worried about labor law violation from 25 years. No suo mottu cognizance

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