Home दस्तावेज़ ‘हिंदू राष्‍ट्र चिल्‍लाने वाले बड़ी भारी भूल कर रहे हैं’!

‘हिंदू राष्‍ट्र चिल्‍लाने वाले बड़ी भारी भूल कर रहे हैं’!

SHARE

दो दिन पहले शहीद-ए-आज़म भगत सिंह की शहादत का दिन था। आज भगत सिंह के संपादक और क्रांतिकारी पत्रकार गणेश शंकर विद्यार्थी की पुण्‍य तिथि है। एक पत्रकार के बतौर राष्‍ट्रीय आंदोलन में विद्यार्थी के योगदान को नहीं भुलाया जा सकता, जिनके कानपुर से निकलने वाले अख़बार ‘प्रताप’ में खुद भगत सिंह ने कुछ दिन काम किया था और लेख लिखे थे। सही मायने में विद्यार्थीजी उस समय के युवा क्रांतिकारियों के गार्जियन हुआ करते थे। आज न ऐसे संपादक मौजूद हैं न ऐसे पत्रकार। ज़ाहिर है, संपादक विद्यार्थीजी जैसा होगा तभी भगत सिंह भी पैदा होंगे। उनकी पुण्‍यतिथि के मौके पर मीडियाविजिल अपने पाठकों के लिए गणेश शंकर विद्यार्थी का एक महत्‍वपूर्ण निबंध प्रस्‍तुत कर रहा है जो आज के वक्‍त में बेहद प्रासंगिक है। इस लेख को पढ़ कर समझा जा सकता है कि राष्‍ट्रवाद के नाम पर हो रहा खेल इस देश में कोई नया नहीं है, बहुत पुराना है। एक और बात कि राष्‍ट्रवाद की जो वास्‍तविक समझदारी है, वह तब भी विद्यार्थीजी जैसे शिक्षकों में थी और आज भी है। मामला केवल उसे जनता तक पहुंचाने का है। (संपादक)


राष्‍ट्रीयता

देश में कहीं-कहीं राष्‍ट्रीयता के भाव को समझने में गहरी और भद्दी भूल की जा रही है। आये दिन हम इस भूल के अनेकों प्रमाण पाते हैं। यदि इस भाव के अर्थ भली-भाँति समझ लिये गये होते तो इस विषय में बहुत-सी अनर्गल और अस्‍पष्‍ट बातें सुनने में न आतीं। राष्‍ट्रीयता जातीयता नहीं है। राष्‍ट्रीयता धार्मिक सिद्धांतों का दायरा नहीं है। राष्‍ट्रीयता सामाजिक बंधनों का घेरा नहीं है। राष्‍ट्रीयता का जन्‍म देश के स्‍वरूप से होता है। उसकी सीमाएँ देश की सीमाएँ हैं। प्राकृतिक विशेषता और भिन्‍नता देश को संसार से अलग और स्‍पष्‍ट करती है और उसके निवासियों को एक विशेष बंधन-किसी सादृश्‍य के बंधन-से बाँधती है। राष्‍ट्र पराधीनता के पालने में नहीं पलता। स्‍वाधीन देश ही राष्‍टों की भूमि है, क्‍योंकि पुच्‍छ-विहीन पशु हों तो हों, परंतु अपना शासन अपने हाथों में न रखने वाले राष्‍ट्र नहीं होते।

राष्‍ट्रीयता का भाव मानव-उन्‍नति की एक सीढ़ी है। उसका उदय नितांत स्‍वाभाविक रीति से हुआ। योरप के देशों में यह सबसे पहले जन्‍मा। मनुष्‍य उसी समय तक मनुष्‍य है, जब तक उसकी दृष्टि के सामने कोई ऐसा ऊँचा आदर्श है, जिसके लिए वह अपने प्राण तक दे सके। समय की गति के साथ आदर्शों में परिवर्तन हुए। धर्म के आदर्श के लिए लोगों ने जान दी और तन कटाया। परंतु संसार के भिन्‍न-भिन्‍न धर्मों के संघर्षण, एक-एक देश में अनेक धर्मों के होने तथा धार्मिक भावों की प्रधानता से देश के व्‍यापार, कला-कौशल और सभ्‍यता की उन्नति में रुकावट पड़ने से, अंत में धीरे-धीरे धर्म का पक्षपात कम हो चला और लोगों के सामने देश-प्रेम का स्‍वाभाविक आदर्श सामने आ गया। जो प्राचीन काल में धर्म के नाम पर कटते-मरते थे, आज उनकी संतति देश के नाम पर मरती है। पुराने अच्‍छे थे या ये नये, इस पर बहस करना फिजूल ही है, पर उनमें भी जीवन था और इनमें भी जीवन है। वे भी त्‍याग करना जानते थे और ये भी और ये दोनों उन अभागों से लाख दर्जे अच्‍छे और सौभाग्‍यवान हैं जिनके सामने कोई आदर्श नहीं और जो हर बात में मौत से डरते हैं। ये पिछले आदमी अपने देश के बोझ और अपनी माता की कोख के कलंक हैं।

देश-प्रेम का भाव इंग्‍लैंड में उस समय उदय हो चुका था, जब स्‍पेन के कैथोलिक राजा फिलिप ने इंग्‍लैंड पर अजेय जहाजी बेड़े आरमेड़ा द्वारा चढ़ाई की थी, क्‍योंकि इंग्‍लैंड के कैथोलिक और प्रोटेस्‍टेंट, दोनों प्रकार के ईसाइयों ने देश के शत्रु का एक-सा स्‍वागत किया। फ्रांस की राज्‍यक्रांति ने राष्‍ट्रीयता को पूरे वैभव से खिला दिया। इस प्रकाशमान रूप को देखकर गिरे हुए देशों को आशा का मधुर संदेश मिला। 19वीं शताब्‍दी राष्‍ट्रीयता की शताब्‍दी थी। वर्तमान जर्मनी का उदय इसी शताब्‍दी में हुआ। पराधीन इटली ने स्‍वेच्‍छाचारी आस्ट्रिया के बंधनों से मुक्ति पाई। यूनान को स्‍वाधीनता मिली और बालकन के अन्‍य राष्‍ट्र भी कब्रों से सिर निकाल कर उठ पड़े। गिरे हुए पूर्व ने भी अपने विभूति दिखाई। बाहर वाले उसे दोनों हाथों से लूट रहे थे। उसे चैतन्‍यता प्राप्‍त हुई। उसने अँगड़ाई ली और चोरों के कान खड़े हो गये। उसने संसार की गति की ओर दृष्टि फेरी। देखा, संसार को एक नया प्रकाश मिल गया है और जाना कि स्‍वार्थपरायणता के इस अंधकार को बिना उस प्रकाश के पार करना असंभव है। उसके मन में हिलोरें उठीं और अब हम उन हिलोरों के रत्‍न देख रहे हैं। जापान एक रत्‍न है – ऐसा चमकता हुआ कि राष्‍ट्रीयता उसे कहीं भी पेश कर सकती है। लहर रुकी नहीं। बढ़ी और खूब बढ़ी। अफीमची चीन को उसने जगाया और पराधीन भारत को उसने चेताया। फारस में उसने जागृति फैलाई और एशिया के जंगलों और खोहों तक में राष्‍ट्रीयता की प्रतिध्‍वनि इस समय किसी न किसी रूप में उसने पहुँचाई। यह संसार की लहर है। इसे रोका नहीं जा सकता। वे स्‍वेच्‍छाचारी अपने हाथ तोड़ लेंगे – जो उसे रोकेंगे और उन मुर्दों की खाक का भी पता नहीं लगेगा – जो इसके संदेश को नहीं सुनेंगे।

भारत में हम राष्‍ट्रीयता की पुकार सुन चुके हैं। हमें भारत के उच्‍च और उज्‍ज्‍वल भविष्‍य का विश्‍वास है। हमें विश्‍वास है कि हमारी बाढ़ किसी के राके नहीं रुक सकती। रास्‍ते में रोकने वाली चट्टानें आ सकती हैं। बिना चट्टानें पानी की किसी बाढ़ को नहीं रोक सकतीं, परंतु एक बात है, हमें जान-बूझकर मूर्ख नहीं बनना चाहिए। ऊटपटाँग रास्‍ते नहीं नापने चाहिए। कुछ लोग ‘हिंदू राष्‍ट्र’ – ‘हिंदू राष्‍ट्र’ चिल्‍लाते हैं। हमें क्षमा किया जाय, यदि हम कहें-नहीं, हम इस बात पर जोर दें – कि वे एक बड़ी भारी भूल कर रहे हैं और उन्‍होंने अभी तक ‘राष्‍ट्र’ शब्‍द के अर्थ ही नहीं समझे। हम भविष्‍यवक्‍ता नहीं, पर अवस्‍था हमसे कहती है कि अब संसार में ‘हिंदू राष्‍ट्र’ नहीं हो सकता, क्‍योंकि राष्‍ट्र का होना उसी समय संभव है, जब देश का शासन देशवालों के हाथ में हो और यदि मान लिया जाय कि आज भारत स्‍वाधीन हो जाये, या इंग्‍लैंड उसे औपनिवेशिक स्‍वराज्‍य दे दे, तो भी हिंदू ही भारतीय राष्‍ट्र के सब कुछ न होंगे और जो ऐसा समझते हैं – हृदय से या केवल लोगों को प्रसन्‍न करने के लिए – वे भूल कर रहे हैं और देश को हानि पहुँचा रहे हैं। वे लोग भी इसी प्रकार की भूलकर रहे हैं जो टर्की या काबुल, मक्‍का या जेद्दा का स्‍वप्‍न देखते हैं, क्‍योंकि वे उनकी जन्‍मभूमि नहीं और इसमें कुछ भी कटुता न समझी जानी चाहिए, यदि हम य‍ह कहें कि उनकी कब्रें इसी देश में बनेंगी और उनके मरिसेये – यदि वे इस योग्‍य होंगे तो – इसी देश में गाये जाएँगे, परंतु हमारा प्रतिपक्षी, नहीं, राष्‍ट्रीयता का विपक्षी मुँह बिचका कर कह सकता है कि राष्‍ट्रीयता स्‍वार्थों की खान है। देख लो इस महायुद्ध को और इंकार करने का साहस करो कि संसार के राष्‍ट्र पक्‍के स्‍वार्थी नहीं है?

हम इस विपक्षी का स्‍वागत करते हैं, परंतु संसार की किस वस्‍तु में बुराई और भलाई दोनों बातें नहीं हैं? लोहे से डॉक्‍टर का घाव चीरने वाला चाकू और रेल की पटरियाँ बनती हैं और इसी लोहे से हत्‍यारे का छुरा और लड़ाई की तोपें भी बनती हैं। सूर्य का प्रकाश फूलों को रंग-बिरंगा बनाता है पर वह बेचारा मुर्दा लाश का क्‍या करें, जो उसके लगते ही सड़कर बदबू देने लगती है। हम राष्‍ट्रीयता के अनुयायी हैं, पर वही हमारी सब कुछ नहीं, वह केवल हमारे देश की उन्‍नति का उपाय-भर है।

83 COMMENTS

  1. Does your website have a contact page? I’m having trouble locating it but, I’d like
    to send you an e-mail. I’ve got some recommendations for your
    blog you might be interested in hearing. Either way,
    great blog and I look forward to seeing it grow over time.

  2. Great post. I used to be checking continuously this blog and
    I’m inspired! Very helpful info particularly the closing phase
    🙂 I deal with such info much. I was looking for this certain info for
    a long time. Thanks and good luck.

  3. Hello! Someone in my Myspace group shared this site with us so I came to take a look.
    I’m definitely enjoying the information. I’m bookmarking
    and will be tweeting this to my followers! Outstanding blog and excellent design and style.

  4. What’s Happening i’m new to this, I stumbled upon this I have found It positively useful and it has aided me out loads. I hope to contribute & aid other users like its aided me. Good job.

  5. Awesome things here. I’m very glad to peer your article.
    Thanks so much and I’m having a look forward to contact you.
    Will you kindly drop me a e-mail?

  6. Does your website have a contact page? I’m having
    a tough time locating it but, I’d like to send you
    an e-mail. I’ve got some ideas for your blog you might be
    interested in hearing. Either way, great blog and I look forward to seeing
    it improve over time.

  7. Aw, this was a very nice post. In idea I want to put in writing like this additionally – taking time and precise effort to make a very good article… however what can I say… I procrastinate alot and by no means seem to get something done.

  8. Hey there! I know this is kinda off topic but I was wondering which blog platform are you using for this site? I’m getting sick and tired of WordPress because I’ve had issues with hackers and I’m looking at options for another platform. I would be great if you could point me in the direction of a good platform.

  9. I am really inspired together with your writing talents and also with the structure in your weblog. Is this a paid subject matter or did you customize it yourself? Anyway keep up the excellent quality writing, it’s rare to peer a great weblog like this one nowadays..

  10. Following study a couple of of the blog posts in your internet site now, and I genuinely like your way of blogging. I bookmarked it to my bookmark web page list and will likely be checking back soon. Pls have a look at my web site also and let me know what you believe.

  11. Yesterday, while I was at work, my sister stole my iPad and tested to see if it
    can survive a 30 foot drop, just so she can be a youtube sensation. My apple ipad is now
    destroyed and she has 83 views. I know this is completely off topic but I had to share
    it with someone!

  12. Howdy! This post couldn’t be written any better! Reading this post reminds me of my previous room mate! He always kept chatting about this. I will forward this article to him. Pretty sure he will have a good read. Thanks for sharing!

  13. Hey! Would you mind if I share your blog with my facebook group?
    There’s a lot of folks that I think would really enjoy your content.
    Please let me know. Many thanks

  14. I think this is one of the most vital information for me.

    And i’m glad reading your article. But want to remark
    on few general things, The website style is perfect, the articles is really
    great : D. Good job, cheers

  15. Excellent article. Keep writing such kind of information on your site.
    Im really impressed by it.
    Hi there, You’ve performed a fantastic job.
    I will certainly digg it and in my view suggest to my friends.
    I’m sure they’ll be benefited from this web site.

  16. Hi! Quick question that’s completely off topic. Do you know how to make your site mobile friendly?
    My weblog looks weird when viewing from my apple iphone.
    I’m trying to find a theme or plugin that might be able to resolve this problem.
    If you have any recommendations, please share.
    Thank you!

  17. Hello! I could have sworn I’ve been to this blog before but
    after browsing through some of the post I realized it’s new to me.
    Nonetheless, I’m definitely glad I found it and I’ll be book-marking and checking back frequently!

  18. Pretty great post. I just stumbled upon your blog and wished to mention that I have truly enjoyed browsing your weblog posts. In any case I will be subscribing in your feed and I hope you write again soon!

  19. Pretty section of content. I just stumbled upon your blog and in accession capital to assert that I acquire actually enjoyed account your blog posts. Any way I will be subscribing to your augment and even I achievement you access consistently quickly.

  20. Normally I do not read post on blogs, but I would like
    to say that this write-up very forced me to check out and do it!
    Your writing style has been amazed me. Thank you, very nice article.

  21. F*ckin’ tremendous things here. I am very satisfied to look your article. Thanks a lot and i am looking forward to contact you. Will you please drop me a mail?

  22. My brother recommended I may like this website.
    He used to be entirely right. This publish actually made my day.
    You cann’t consider just how a lot time I had spent for this information!
    Thank you!

  23. Thank you for the good writeup. It in reality used to be a entertainment account it.
    Look complicated to more delivered agreeable from you!
    However, how can we communicate?

  24. Hello there, You’ve done a fantastic job. I will certainly digg it and personally suggest to my friends.

    I’m confident they’ll be benefited from this web site.

  25. Right here is the right website for anyone
    who really wants to find out about this topic. You understand so much its almost hard to argue with you (not that I actually will need to…HaHa).
    You certainly put a new spin on a subject that’s been discussed for ages.
    Wonderful stuff, just excellent!

  26. I’d should examine with you here. Which isn’t one thing I often do! I get pleasure from reading a submit that can make folks think. Also, thanks for permitting me to remark!

  27. I am curious to find out what blog system you are utilizing? I’m experiencing some minor security problems with my latest website and I would like to find something more safeguarded. Do you have any solutions?

  28. What’s up to every body, it’s my first pay a visit of this website;
    this weblog consists of remarkable and in fact good data in support of
    visitors.

  29. Hi, I think your site may be having web browser compatibility issues.
    When I take a look at your web site in Safari, it looks fine however,
    if opening in Internet Explorer, it has some overlapping issues.
    I simply wanted to provide you with a quick heads up!
    Besides that, great blog!

  30. I get pleasure from, result in I discovered just what I was taking a look for.
    You’ve ended my four day long hunt! God Bless you man. Have
    a nice day. Bye

  31. Hello there! I could have sworn I’ve been to this
    site before but after browsing through some of the post I realized it’s new to me.
    Nonetheless, I’m definitely happy I found it and I’ll be book-marking and checking back
    frequently!

  32. I do not even know how I ended up here, but I thought this post was good. I don’t know who you are but definitely you’re going to a famous blogger if you aren’t already 😉 Cheers!

  33. I’ve read some good stuff here. Certainly worth bookmarking for revisiting. I wonder how much effort you put to create such a great informative site.

  34. Hello, I think your website might be having browser compatibility issues. When I look at your blog in Firefox, it looks fine but when opening in Internet Explorer, it has some overlapping. I just wanted to give you a quick heads up! Other then that, fantastic blog!

  35. Great items from you, man. I have be aware your stuff prior to and
    you are simply extremely magnificent. I really like what you’ve received right here, really like what you are stating and the way through which you say it.

    You make it entertaining and you continue to take care of to keep it sensible.
    I cant wait to read far more from you. That is
    actually a tremendous website.

  36. I like what you guys are up too. Such intelligent work and reporting! Carry on the superb works guys I have incorporated you guys to my blogroll. I think it’ll improve the value of my web site 🙂

  37. I’ve learn a few just right stuff here. Definitely price bookmarking for revisiting. I surprise how much effort you put to create such a magnificent informative web site.

  38. Hello, i think that i saw you visited my blog so i got
    here to return the want?.I am trying to find things
    to enhance my site!I suppose its adequate to use some of your
    ideas!!

  39. Somebody necessarily assist to make significantly articles I would state. This is the first time I frequented your web page and so far? I amazed with the analysis you made to create this particular publish incredible. Fantastic process!

  40. I think this is one of the most important info for me.
    And i am glad reading your article. But should remark on some general things, The website style is perfect, the articles
    is really great : D. Good job, cheers

  41. I was more than happy to search out this net-site.I needed to thanks to your time for this excellent read!! I undoubtedly having fun with every little bit of it and I’ve you bookmarked to check out new stuff you blog post.

  42. I don’t know if it’s just me or if perhaps everyone else encountering problems with your blog.
    It looks like some of the written text in your posts
    are running off the screen. Can someone else please provide
    feedback and let me know if this is happening to them too?
    This may be a issue with my browser because I’ve had this happen before.

    Many thanks

  43. I like the helpful information you provide on your articles.

    I’ll bookmark your weblog and test again here frequently.
    I’m rather sure I will be told many new stuff right
    right here! Best of luck for the next!

  44. Hi there, I discovered your site by means of Google even as looking for a
    related subject, your website got here up, it seems
    good. I have bookmarked it in my google bookmarks.
    Hello there, simply become aware of your weblog via Google, and located that it’s really informative.
    I am gonna be careful for brussels. I will be grateful for those who proceed this in future.
    Numerous other folks will likely be benefited from your
    writing. Cheers!

  45. Oh my goodness! an astounding article dude. Thank you However I’m experiencing issue with ur rss . Do not know why Unable to subscribe to it. Is there any one receiving identical rss challenge? Any person who knows kindly respond.

  46. Currently it appears like BlogEngine is the best blogging platform
    available right now. (from what I’ve read) Is that what you are using on your blog?

  47. I’m still learning from you, as I’m making my way to the top as well. I definitely liked reading all that is posted on your blog.Keep the information coming. I loved it!

  48. Hello there, simply become aware of your weblog through Google, and found that it is truly informative. I am gonna watch out for brussels. I will be grateful when you proceed this in future. A lot of other folks will likely be benefited out of your writing. Cheers!

LEAVE A REPLY